उत्तर प्रदेश में हिंसा के मामलों में रासुका की वजह से पिछले एक साल से जेल में बंद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण को यूपी पुलिस ने रिहा कर दिया है.

हालांकि, अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण पर से रासुका हटाया गया है या नहीं. मगर पुलिस की ओर से जो बयान जारी हुआ है, उसके मुताबिक, चंद्रशेखर को उनकी मां की वजह से रिहा किया गया है.

बता दें कि भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर को शुक्रवार तड़के करीब पौने तीन बजे रिहा किया गया. वह बीते साल भर से साहरनपुर की जेल में बंद थे.सहारनपुर में 2017 में हुए जातिये हिंसा का मुख्य आरोपी को सरकार ने किया रिहा जो लगभग 16 महीने से जेल में बंद था सरकार कहती है रिहाई के फ़ैसला उनकी माँ के पार्थना पत्र पर लिया गया है चद्रशेखर रावण मई 2017 में सहारनपुर के सब्बीरपुर के जातिये हिंसा फैलाने के आरोप में गिरिफ्तार किया गया था गुरुवार को रात जेल के बाहर उसके भारी समर्थक उपस्थिति रहे जिसमें जोशिले नारे बाजी हुई जैसे जेल ताला टूट गया दलितों का शेर छूट गया जेल से निकलते ही उसके समथर्क उसको फूल मालाओं से स्वागत किया

जेल से बाहर निकलते ही उसने एक सभा को भी सम्बोधित किया जिसमें उन्होंने भाजपा को2019 का चुनाव हराने का संकल्प लिया उसने कहा की भाजपा को 2019 के चुनाव में ऐसी धूल चटायें गे की सत्ता में ही नही विपक्ष में भी नही बैठ पाये गी

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