डॉक्टर अय्यूब, असदुद्दीन ओवैसी और बदरूदीन अजमल मुसलमानों की नज़रों में बुरे क्यों है? तारीख गवाह है कि भारत का मुसलमां ज़ौके खराश खो देने के बावजूद गुलामी के सत्तर साल काट चुका है मगर फिर भी हम अपने घरों के पुर सुकून कोनो में आसनिया तलाश करते हैं! क्या मुसलमान भूल गए रंगून के जैल कि दीवारों से सर मारते हुए उस बादशाह को की जिसकी इंतजामिया शेर सुनने और शराबें पीने के मस्त थी? क्या मुसलमान भूल गए हस्फानिया के ज़वाल की उड़ती हुई ख़ाक को की जिसमे 800 साला हुकूमत का इकबाल गुम हो कर रह गया? मुसलमान तो सत्तर बरस से अपने सियासी जावाल का सनेहा भूल गए कि जिस पर रोना तो दूर की बात है!क्या आप भूल गए डॉक्टर फरीदी,डॉक्टर अय्यूब,बदरुद्दीन अजमल,और असद आवैसी के जलाए हुए दियो को जिनकी कांपती हुई लवो से ये सदा आती है कि ए फालक ज़दा कौम तुम्हे अपने 1400 साला तरीख का पास है कि नहीं? मगर अफोस है कि भारत का मुसलमान जब मुस्लिम पॉलिटिकल पार्टी के पीछे चलकर अपने दुखो का मादावा करने निकले तो दो चार नारों में इनका गला बैठ गया, और पांच सात कदम चलकर इनके पैरो में बेहिसी के छाले पड़ गए!कफ़न दीजिए उन सारी तारीख की किताबो को की जिनमे मुस्लिम कौम के अजमत के कसीदे लिक्खे गए और फातेहा पढ़िए इस ख़ामोश और मुफादप्रसत कौम पर की जिनको उत्तर प्रदेश में एक सही सलामत सियासी जमात मिली तो मुसलमान खुद उस जमात में नफरत उगाने लग गए!। आखिर मुस्लिम पॉलिटिकल पार्टी की यही गलती है ना? कि की वो दाड़ी टोपी, वाले नमाज़ी मुसलमान है!
वोट के लिए किसी को इफ्तार पार्टी नही देते !
गोल गोल टोपी खुद पहनते है लेकिन किसी को पहनाते नही है।
ईद मुबारक, दीवाली मुबारक के पोस्टर नही लगवाते
ये लोग आज तक एक भी दंगा नही करवाये
किसी घोटाले या दलाली में इन लोगो नाम नही आया।
गीत गजल, मुशायरा का प्रोग्राम नही करवाते है
तर्क के साथ सीधा हक़ की बात करते है
पिछड़े हुए को सबके बराबर करने की बात करते है।
जेल में कैद मुस्लिम कैदियों के लिए संसद और विधानसभा में आवाज़ उठाते है।
बरी होने वाले कैदियों को मुवावजा और दोषी पुलिस कर्मियो , दंगाइयों पर कार्यवाही करने की बात करते है।
मुस्लिमो की तरफ उठने वाले हर सवाल का जवाब देते है।
ठगे जा रहे मुसलमानो को सेक्युलरो से सावधान रहने की बात करते हैं
तीन तलाक के मुद्दे पर अकेले संसद में खड़े होकर विरोध करते है
सच्चर कमेटी के रिपोर्ट लागू करने की बात करते है
मुसलमानों के आरक्षण की बात करते है
मुसलमानों की दशा और दिशा बदलने की बात करते है
बेगुनाह मारे जा रहे मुसलमानों का आवाज उठाते हैं
मुसलमानों के गरीबी अशिक्षा दूर करने की बात करते हैं
ताकथित सेक्युलर पार्टी जो मुस्लिमों को वोट बैंक बना कर राजनीती करती है वो आपको इससे रूबारू कराता है इसलीये बीजेपी का एजेंट है !!

अखलाक कांड हुआ सब कांड मुस्लिमों के साथ हुआ ये सेक्युलर नेता जो इफ्तार पार्टी कराते है ये जुल्म पर खामोश रहे कही नजर नहीं आये अब असद ओवैसी ,डॉक्टर अय्यूब,बदरुद्दीन अजमल आपको हकीकत से रूबरू करायेंगे तो ये बोलेंगे देखो ये बीजेपी का एजेंट है !!
मुसलमानों ने अपनी संज्ञा ही बिरयानी बाजो वाली बना ली है इफ्तार पार्टी , दावत दे कर ये सेक्युलर नेता सोचते है की अब मुसलमान बिक गये और सही बात है आप इनको जिता कर विधानसभा , सांसद पहुँचाते हो पर कभी आपने इनसे सवाल ही नहीं किया !!

इसलिए तुम्हारे अपने बहुत बुरे है !!

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